स पुण्यदेशे धर्मात्मा निवासं स्वमकल्पयत्।
तन्वन् सौराज्यमधिकं नदीं भीमरथीमनु।।
उस धर्मात्मा ने पुणे प्रांत में अपना निवास स्थान बनाया और भीम नदी के किनारे राज्य का विस्तार किया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।