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शिवभारतम् • अध्याय 1 • श्लोक 38
यत्र युद्धान्यनेकानि शिवस्य यवनैः सह। तेषामेव विनाशार्थमवतीर्णस्य भूतले ।।
इस पृथ्वी पर जिनका अवतार यवनों के विनाश हेतु ही हुआ ऐसे शिवाजी ने यवनों के साथ किए गए युद्धों का वर्णन जिसमें (शिवभारतम्) वर्णित है।
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