एवमाश्वासयन्ती मां कृपालुः कुलदेवता।
चतुर्भुजा भगवती हृदयं मे समाविशत्।।
इस प्रकार मुझे धैर्य प्रदान करते हुए, उस कृपालु कुलदेवता चतुर्भुजा एकवीरा देवी ने मेरे हृदय में प्रवेश कर लिया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।