इति संचिन्तयन्तं मां चिरसुस्थिरचेतसम्।
देवी भगवती साक्षात् समेत्येदमवोचत।।
इस प्रकार बहुत देर तक एकाग्रता से विचार करने पर स्वयं भगवती एकवीरा देवी ने साक्षात् दर्शन देकर मेरे से इस प्रकार कहा।
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