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शिवभारतम् • अध्याय 1 • श्लोक 12
विष्णोरंशो विशेषेण लोकपालांशसंभवः । मनस्वी सुप्रसन्नात्मा प्रतापी विजितेन्द्रियः ।।
विशेष रूप से विष्णु का अंश और अष्ट लोकपालों के अंश से उत्पन्न है, जो बुद्धिमान, प्रसन्नचित्त, पराक्रमी, जितेंद्रिय,
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