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शृंगार शतकम् • अध्याय 1 • श्लोक 76
अनुष्टुभ्जल्पन्ति सार्धमन्येन पश्यन्त्यन्यं सविभ्रमम् । हृद्गतं चिन्तयन्त्यन्यं प्रियः को नाम योषिताम् ॥
स्त्रियां बात तो किसी से करती हैं, देखतीं किसी और को हैं, दिल में चाहती किसी और को हैं। विलासवती स्त्रियों का प्यारा कौन है?
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