अनुराग के घर, नरक के नाना प्रकार के दुखों हेतु, मोह की उत्पत्ति के बीज, ज्ञानरुपी चन्द्रमा के ढकने को मेघ समूह, कामदेव के मुख्य मित्र, नाना दोषों को स्पष्ट प्रकटाने वाले और अपने कुल को दहन करनेवाले यौवन के सिवा, इस लोक में दूसरा कोई अनर्थ नहीं है।
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