मालिनीकिमिह बहुभिरुक्तैर्युक्तिशून्यैः प्रलापैःद्वयमिह पुरुषाणां सर्वदा सेवनीयम् ॥
अभिनवमदलीलालालसं सुंदरीणांस्तनभरपरिखिन्नं यौवनं व वनं वा ॥
युक्तिशून्य वृथा प्रलाप से क्या प्रयोजन? इस जगत में दो ही वस्तुएं सेवन करने योग्य हैं – (१) नवीन मदान्ध लीलाभिलाषिणी और स्तनभार से खिन्न सुंदरियों का यौवन अथवा (२) वन।
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