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श्रीविद्यारत्नसूत्राणि • अध्याय 1 • श्लोक 41
एवमतस्वरदला धहपत्रधरणी तिरोधानस्य ॥
इसी प्रकार स्वरदल और ध-ह पत्रों सहित जो धरणि है, वह तिरोधान का सदन है।
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