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श्रीविद्यारत्नसूत्राणि • अध्याय 1 • श्लोक 28
पभमजकोणस्वरजपत्रगणना धरणी श्यामासदनम् ॥
प, भ, म, ज आदि कोण, स्वर और पत्रों की गणना सहित जो धरणि है, वह श्यामा सदन है।
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