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श्रीविद्यारत्नसूत्राणि • अध्याय 1 • श्लोक 26
तदेव तत्र वसुद्वययुक्तमनुस्वरं कुमारीसदनम् ॥
वही जब दो वसु (तत्त्वों) सहित अनुस्वारयुक्त होता है, तब वह कुमारी सदन कहलाता है।
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