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श्रीविद्यारत्नसूत्राणि • अध्याय 1 • श्लोक 25
अथ ठडतपत्रमनुस्वारधरणि शुद्धाविद्यासदनम् ॥
अब ठ, ड, त आदि पत्रों और अनुस्वार सहित जो धरणि है, वह शुद्धविद्या का सदन है।
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