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श्रीविद्यारत्नसूत्राणि • अध्याय 1 • श्लोक 20
कगजदशारद्वयमन्वस्राष्टदलस्वरपत्रत्रिवृत्तभूबिम्बसञ्ज्ञाकथितं श्रीसदनम् ॥
क, ग आदि (वर्णों), दो दशार (दशकोण), अन्वस्र, अष्टदल, स्वर, पत्र, त्रिवृत्त तथा भूबिम्ब से युक्त जो संरचना है, वही श्रीसदन कहलाती है।
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