अब चिन्तामणि गृह में स्थित त्रिपुरसुन्दरी महाविद्या सर्वोच्च (अनुत्तरा) है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
श्रीविद्यारत्नसूत्राणि के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
श्रीविद्यारत्नसूत्राणि के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।