मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
जयसिंगास पत्र • अध्याय 1 • श्लोक 86
जवावत बयावम् अगर वाशवाव । शव आयम् व पेशे तनहा शिताव ।।
यदि मैं तेरा उत्तर यथेष्ट पाऊँ तो तेरे समक्ष रात्रि को अकेला आऊँ।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
जयसिंगास पत्र के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

जयसिंगास पत्र के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें