तराजे म राहे सुए कामे ख्वेश ।
फराजेम दर वो जहाँ नामे ख्वेश ॥
अपने कार्य की (सिद्धि) की ओर का कोई रास्ता निकालें (और) दोनों लोकों (इहलोक तथा परलोक) में अपना नाम ऊँचा करें।
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