अजीं दर भरा गुफ्लनाही वसेस्त।
कि दर् नामः आवुर्दनश राय नेस्त॥
इस विषय में मुझको तुझसे वहुत कुछ कहना (सुनना) है, जिसका पत्र में लाना (लिखना) (युक्ति) सम्मत नहीं है।
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