जे नामशू न औरंग मानद न जेब।
न तेगे तअद्दी न दामे फरेव ॥
उसके नाम में से न तो औरंग (राजसिंहासन) रह जाय और न जेब (शोभा), न उसकी अत्याचार की तलवार (रह जाय) न कपट का जाल।
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