बढ़ानी कि वर हिंदुआने दिगर।
नयामद चे अज दस्ते क्षाँ कीनःवर ॥
तू जानता है कि दूसरे हिंदुओं पर भी उस दुष्ट के हाथ से क्या क्या विपत्तियाँ नहीं आई।
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