कवीतर जे तो दौलते बाबरी।
जे वख्ते हुमायूँ तुरा यावरी ॥
तुझसे बाबरवंश की राज्यलक्ष्मी अधिक प्रवल हो रही है (तथा) शुभ भाग्य से तुझसे सहायता (मिलती) है।
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