वले तू जे औरंगजेब आमदी।
वहगंवाय जाहिद फरेवं आमदी ॥
पर तू तो औरंगजेब की ओर से (उस) भद्रजनों के धोखा देने वाले के बहकाने में पड़कर आया है।
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