यह रक्तवर्णीय पद्म स्वाधिष्ठान के नाम से अभिहित होता है। इस स्थान में बाण नामक सिद्ध और राकिणी नाम्नी अधिष्ठातृ देवी विद्यमान रहती है। इस कमल के देवता ब्रह्मा कहे गये हैं।
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