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शिव संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 98
द्वितीयन्तु सरोजं चलिङ्गमूले व्यवस्थितम् । बादि लान्तं च षड्वर्ण परिभास्वरषड्दलम् ।।
दूसरा छह पंशुड़ियों वाला कमल शिश्नमूल में स्थित रहता है। इसकी प्रत्येक पंखुड़ियों पर क्रमशः 'ब' से 'ल' तक के वर्ण विभूषित रहते हैं। अर्थात् 'व भ म य र ल' - इन वर्णों से संयुक्त रहता है।
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