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शिव संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 4
हैमं रौप्यं तथा ताम्र रत्नं चागुरुधेनवः । पाण्डित्यं वेदशास्त्राणि नृत्यं गीतं विभूषणम् ।।
सोना, चाँदी, ताँबा तथा अगरु आदि सुगन्धित पदार्थों का सेवन और गोधन आदि का संग्रहण भर मोक्ष हेतु बाधक हैँ। वक्ता, वेद-वाक्यों पर तर्क-वितर्क, नर्तन, गायन, दैहिक साज-सज्जा,
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