अधिकारी स्थिरो धीमान् यथेच्छावस्थितः क्षमी ।
सुशीलो धर्मचारी च गुप्तचेष्टः प्रियंवदः ।।
स्थिर बुद्धि अर्थात् दृढनिश्चयी, बुद्धिशाली, सन्तोषी, क्षमाशीलता के गुण से समन्वित, सौम्य, धर्माचारी, धार्मिक कर्मों का गोपन करने वाला तथा सभी लोगों के प्रति प्रियभाषण करने वाला होता है।
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