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शिव संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 247
त्रिपुरे त्रिपुरन्त्वेकं शिवं परमकारणम् । अक्षयं तत्पदं शान्तमप्रमेयमनामयम् ।।
हे पार्वति! त्रिपुररूप शिव ही परम कारण है। उनका चरणारबिन्द क्षयरहित, शान्तिकारक, प्रमाणरहित तथा रोगरहित है।
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