इंद्रियनिग्रहपूर्वक एक लाख जप पूर्ण करने वाले साधक के दर्शनमात्र से ही कामातुरा नारियाँ लज्जाविहीन एवं निर्भय होकर साधक के समक्ष अवनत हो जाया करती हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।