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शिव संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 231
बीजत्रयमिदं गोप्यं भुक्तिमुक्तिफलप्रदम् । एतन्मन्त्रत्रयं योगी साधयेत्सिद्धिसाधकः ।।
उक्त प्रकार के ये तीनों ही बीज परम गोपनीय तथा भोग-मोक्षप्रदायक कहे गये हैं। अतः यह योगियों के लिए साधनीय है। इन तीनों मंत्रों की शिक्षा गुरु से लेकर मंत्रजाप में संलग्न होना चाहिए।
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