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शिव संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 22
एतस्य सिद्धिः षड्वर्षैर्धवेदभ्यासयोगतः । एतस्मै दीयते धीरो हठयोगश्च साङ्गतः ।।
ऐसे साधक निरन्तर छह वर्षों के अभ्यास द्वारा सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे धैर्यवान् साधक को गुरु हठयोग की सांगोपांग विधि से उपदेशित करे।
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