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शिव संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 219
अभ्यासपाकपर्यन्तं मितानं स्मरणं भवेत् । अन्यथा साधनं धीमान्कर्तुं पारयतीह न ।।
योगाभ्यास के प्रारम्भिक काल से लेकर योगसिद्धि मिलने तक विचारवान साधक को अल्पाहारी होना चाहिए, क्योंकि अपरिमित आहार से योग साधन सफल नहीं होता।
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