शिरस्थ चंद्रमा में चिंतन के परिणामस्वरूप चिंतक में अनुत्पन्न विषयों की अनुभूति होने लगती है। इस प्रकार की चिन्तना से चित्त का विशुद्धिकरण होकर पाँच प्रकार के पापों का विनाश हो जाता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।