इस तीर्थ से उत्तम अन्य कोई भी तीर्थ त्रैलोक्य में नहीं होता । इस त्रिवेणी संगम में मानसिक स्नान की रीति को सदैव ही गुप्त रखना चाहिए। अर्थात् इसे किसी अयोग्य व्यक्ति के समक्ष प्रकट नहीं करना चाहिए ।
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