जो साधक इस त्रिवेणी संगम में नित्य (प्रतिदिन किया जाने वाला), नैमित्तिक (किसी विशेष पर्व पर किया जाने वाला) तथा काम्य तर्नो (विशिष्ट इच्छापूर्ति हेतु किया जाने वाला) प्रतिपादन करते हुए मनसा चिंतन करते हैं, उन्हें अमोघ फल की प्राप्ति होती है।
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