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शिव संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 161
मूलपद्मस्थिता योनिर्वामदक्षिणकोणतः । इडापिङ्गलयोर्मध्ये सुषुम्णा योनिमध्यगा ।।
मूलाधार पद्म में स्थित रहनेवाली योनि के बायीं ओर इड़ा और दायीं ओर पिंगला नाड़ी का निवास माना गया है। इन्हीं द्वय नाड़ियों के बीच में रहने वाली सुषुम्ना नाड़ी योनिस्थान तक चली जाती है।
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