सुषुम्ना के आन्तरिक भाग में स्थित रहने वाली इस नाड़ी को चित्रा नाड़ी कहा जाता है। हे पार्वति! इसी चित्रा नाड़ी से ही ब्रह्मरन्ध्र की कल्पना की गयी है, ऐसा मेरा अभिमत है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।