मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
शिव संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 126
इडा हि पिङ्गला ख्याता वरणासीति होच्यते । वाराणसी तयोर्मध्ये विश्वनाथोऽत्रभाषितः ।।
शरीरस्थ इड़ा और पिंगला नाम्नी नाड़ियों को वरणा और असी (एक नदी) अर्थात् वाराणसी कहा जाता है। इसी वाराणसी नगर के मध्य मैं 'विश्वनाथ' के नाम से स्वयं ही प्रतिष्ठित रहता हूँ।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें