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शिव संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 106
तस्मिन् ध्यानं सदा योगी करोति मणिपूरके । तस्य पाताल सिद्धिः स्यान्निरन्तरसुखावहा ।।
जो साधक इस मणिपूर नामक कमलचक्र का सर्वदा ध्यान करते रहते हैं, वे सर्व सिद्धियों की खान पाताल नाम्नी सिद्धि को प्राप्त कर लेते हैं।
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