यो ध्यायति सदा दिव्यं स्वाधिष्ठानारविन्दकम् ।
तस्य कामाङ्गनाः सर्वा भजन्ते काममोहिताः ।।
जो पुरुष इस स्वाधिष्ठानसंज्ञक कमल का सदैव ध्यान किया करते हैं उनके रूप-लावण्य पर कामरूपिणी मुग्धा नारियाँ सदा ही उनकी अनुगामिनी बनी रहती हैं।
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