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शिव संहिता • अध्याय 4 • श्लोक 49
एतत्त्रयस्य माहात्म्यं सिद्धो जानाति नेतरः । यज्ज्ञात्वा साधकाः सर्वेसिद्धिं सम्यक् लभन्ति वै ।।
मुद्रा, बन्ध और वेध - इन तीनों की महत्ता से केवल सिद्ध पुरुष ही परिचित होते हैं, अन्य कोई भी इसे नहीं जान सकता। उक्त तीनों साधनों के ज्ञानोपरान्त साधक सम्पूर्ण सिद्धियों को प्राप्त करने में सफल हो जाता है।
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