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शिव संहिता • अध्याय 4 • श्लोक 24
महामुद्रा महाबन्धो महावेधश्च खेचरी । जालन्धरो मूलबन्धो विपरीतकृतिस्तथा ।।
योगसाधना में प्रमुखतः दश मुद्राएँ बतलायी गयी हैं जो इस प्रकार से है, जैसे - (१) महामुद्रा, (२) महाबन्ध, (३) महावेध, (४) खेचरी मुद्रा, (५) जालंधरबन्ध, (६) मूलबन्ध, (७) विपरीतकरणी मुद्रा,
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