अतएव योगाभ्यासी को निरन्तर अभ्यासपरायण रहना चाहिए। यह योनिमुद्रा अतीव गोपनीय होती है। इसे कभी किसी अयोग्य या अनधिकारी व्यक्ति से प्राण के कंठगत हो जाने पर भी नहीं बतलाना चाहिए।
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