मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
शिव संहिता • अध्याय 4 • श्लोक 2
ब्रह्मयोनिगतं ध्यात्वा कामं कन्दुकसन्निभम् । सूर्यकोटिप्रतीकाशं चन्द्रकोटिसुशीतलम् ।।
ब्रह्मयोनि के मध्य गेंद के समान धवल तथा करोड़ों-करोड़ सूर्य की आभा के सदृश देदीप्यमान एवं करोड़ चन्द्रमाओं के समान शीतलतायुक्त कामदेव का ध्यान धारण करना चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें