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शिव संहिता • अध्याय 4 • श्लोक 12
विधिनानेन संयुक्तः प्रभवन्त्यचिरेण तु । सिद्धिमोक्षप्रदाः सर्वे गुरुणा विनियोजिताः ।।
वे सभी मन्त्र उक्त योनिमुद्रा की सिद्धि होने या गुरु द्वारा प्रदत्त उपदेशानुसार कार्य करने पर सिद्ध, प्रभावशाली और मोक्षदाता हो जाते हैं।
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