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शिव संहिता • अध्याय 4 • श्लोक 10
मन्दा बालास्तथा वृद्धाः प्रौढा यौवनगर्विताः । भेदिनो भ्रमसंयुक्ताः सप्ताहं मूर्च्छिताश्च ये ।।
जो बाल (अल्प प्रभावयुक्त), वृद्ध (समग्र प्रभाव वाले), प्रौढ़ (मध्यम प्रभावशील), यौवनगर्वित (प्रचण्ड स्वभाव वाले), भेदयुक्त (भ्रमान्वित करने वाले) तथा सप्ताहों से निष्क्रिय पड़े हैं।
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