ऐसी साधना लगातार तीन वर्ष तक करने वाला भैरव के समान पराक्रमी होकर अणिमादिक अष्टसिद्धियों को हस्तगत कर लेता है। साधक के अधीन समस्त प्राणी स्वतः ही हो जाया करते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।