उसमें किसी की आँखों से ओझल होने (अदृश्यता) तथा आकाशगमन करने की क्षमता भी आ जाती है। ऐसी अवस्था को घटावस्था कहते हैं। अर्थात् ऐसी स्थिति में योगी के लिए संसार की कोई भी वस्तु अलभ्य नहीं रह जाती।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।