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शिव संहिता • अध्याय 3 • श्लोक 4
प्राणोऽपानः समानश्चोदानो व्यानश्च पञ्चमः । नागः कूर्मश्च कृकलो देवदत्तो धनञ्जयः ।।
अतः उनमें जिनकी प्रमुखता है उन्हें ही यहाँ बतलाया जा रहा है। प्राण के दश भेद इस प्रकार से हैं, जैसे - प्राण, अपान, समान, उदान, व्यान, नाग, कूर्म, कृकल, देवदत्त और धनञ्जय।
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