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शिव संहिता • अध्याय 3 • श्लोक 28
प्रातःकाले च मध्याह्ने सूर्यास्ते चार्धरात्रके । कुयदिवं चतुर्वारं कालेष्वेतेषु कुम्भकान् ।।
इस रीति से नित्यप्रति प्रातः, मध्याह्न, सायंकाल तथा आधीरात में अर्थात् कुल चार बार साधक को प्राणायाम करने चाहिए।
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