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शिव संहिता • अध्याय 3 • श्लोक 20
फलिप्यतीति विश्वासः सिद्धेः प्रथमलक्षणम् । द्वितीयं श्रद्धया युक्त तृतीयं गुरुपूजनम् ।।
योगशास्त्र में सिद्धि-प्राप्ति के छह लक्षण बतलाये गये हैं जो इस प्रकार से हैं - (१) मन में विश्वास की भावना, (२) श्रद्धावान होना, (३) गुरु-पूजा परायणता,
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