इस आसन के परिणामस्वरूप वायु को शीघ्र ही वश में लाया जा सकता है तथा सभी प्रकार के रोगों और कष्टों से सहज ही छुटकारा मिल जाया करता है। अतएव आत्मसिद्धि हेतु इस आसन का अभ्यास प्रत्येक साधक के लिए अनिवार्य कहा गया है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।